mahatma gandhi last wording at time of death

क्या थे महात्मागांधी के अंतिम शब्द?

देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 30 जनवरी यानी की आज 70वीं पुण्यतिथि है। आज ही के दिन 1948 में नाथूराम गोडसे ने तीन गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी थी। ऐसा माना जाता है कि गोली लगने के बाद बापू ‘हे राम!’ कहते हुए धरती पर गिरे थे और यह शब्द उनके पास चल रही उनकी पोती आभा ने सुने थे लेकिन बापू की हत्या के प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा करने वाले उनके निजी सचिव वेंकिता कल्याणम की राय इस मामले में बेहद अलग है। उनका कहना है कि, ‘मरते वक्त गांधी ने ‘हे राम’ नहीं कहा था।

असल में जब नाथूराम गोडसे ने उनके सीने में गोली चलाई थी तो उन्होंने कोई भी शब्द नहीं कहा था।’ कल्याणम का दावा है कि 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली के तीन मूर्ति इलाके में महात्मा गांधी को गोली मारी गई तो उस समय वह उनके ठीक पीछे मौजूद थे।

पुस्तक ‘महात्मा गांधी: ब्रह्मचर्य के प्रयोग’ में भी बापू के अंतिम शब्द ‘हे राम’ पर काफी समय तक बहस की गई है। पत्रकार दयाशंकर शुक्ल सागर ने इस किताब में यह दावा किया कि 30 जनवरी, 1948 को गोली लगने के बाद महात्मा गांधी के मुख से निकलने वाले अंतिम शब्द ‘हे राम’ बिलकुल भी नहीं थे। इस किताब में कहा गया है कि 30 जनवरी, 1948 को जब नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी को गोली मारी थी तो बापू के सबसे करीब मनु गांधी मौजूद थीं। उन्होंने बापू का अंतिम शब्द ‘हे रा…’ सुनाई दिया था> इसी आधार पर यह मान लिया गया कि उनके आखिरी शब्द ‘हे राम’ ही थे।

गांधी ने मरते वक्त ‘हे राम’ कहा हो या नहीं लेकिन उन्होंने देश में रामराज्य स्थापित होने का सपना जरूर देखा था।

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