चुनाव हारने के बावजूद मंत्री बनेगें ‘मनोज सिन्हा’

के. पी. मलिक, वरिष्ठ पत्रकार

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 में प्रचंड जीत के बाद नरेंद्र मोदी कल (गुरुवार) को लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ मंत्रिमंडल में और कौन-कौन नेता शामिल होंगे इसको लेकर लगातार अटकलों का दौर चल रहा है। इस बीच कार्यकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बीच मंगलवार शाम पांच घंटे की मैराथन मीटिंग हुई। पार्टी सूत्र बता रहै है कि इसी दौरान दोनों नेताओं ने मंत्रिमंडल पर मुहर लगा दी है।

ऐसे में टीम मोदी को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। उम्मीद है कि मोदी कैबिनेट में मंत्री बनने वालों को बुधवार शाम तक शपथ ग्रहण का न्योता पहुंच जाएगा। सबसे ज्यादा 64 सांसद देने वाले उत्तर प्रदेश से कौन-कौन मंत्रिमंडल में शामिल होगा, इस पर भी सबकी निगाहें टिकी हैं।

सूत्रों के अनुसार मौजूदा समय में यूपी कोटे से मंत्री राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी, अनुप्रिया पटेल तो शपथ लेंगे ही, इसके अलावा गाजीपुर से लोकसभा चुनाव हारने वाले केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा को भी टीम मोदी में जगह मिलने की खबर सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि उन्हें कैबिनेट रैंक मिल सकता है। चर्चा यहां तक है कि उन्हें स्मृति ईरानी की जगह राज्यसभा भेजा जाएगा।

इन चेहरों के अलावा कई नए नाम भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जा सकते हैं। इनमे प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय, धरौहरा से दोबारा जीत हासिल करने वाली रेखा वर्मा, प्रयागराज से लोकसभा पहुंचने वाली रीता बहुगुणा जोशी, महराजगंज से जीते पंकज चौधरी, आगरा से जीते एसपी सिंह बघेल और मुजफ्फरनगर से जीतने वाले संजीव बालियान गुरुवार को शपथ ले सकते हैं।

बता दें नए मंत्रिमंडल के लिए गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह से पहले मंगलवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बीच लंबी बैठक हुई थी। माना जा रहा है कि बैठक के दौरान मंत्रिमंडल के भावी स्वरूप को लेकर खाका तैयार कर लिया गया है। बुधवार शाम तक भावी मंत्रियों को इसकी सूचना दे दी जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, मोदी कैबिनेट में तेलंगाना और पश्चिम बंगाल से जीते सांसदों को ज्यादा तवज्जो मिल सकती है। इसके अलावा प्रमुख चेहरों के अलावा कई नए चेहरों को टीम मोदी में शामिल किया जा सकता है। इसमें पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का भी नाम चर्चा भी है। लेकिन इसे लेकर सूत्रों की अलग-अलग राय है। कुछ ही महीने बाद महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्टी में कुछ नेता चाह रहे हैं कि अमित शाह ही अध्यक्ष बने रहें। ऐसे में हो सकता है कि शाह मंत्रिमंडल में शामिल न हों।

के. पी. मलिक वरिष्ठ पत्रकार हैं और राजनीतिक विषयों पर लिखते रहते हैं।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *