by posionous alchohol 3 people dead

गाजियाबाद में जहरीली शराब पीने से 3 की मौत, एक की हालत गंभीर

गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने की वजह से तीन लोगों की मौत हो गई है। जबकि एक को अस्पताल पहुंचाया गया है और उसकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। थाना क्षेत्र के शंकर विहार इलाके में रात में चार लोगों ने एक ही जगह से खरीदकर शराब पी थी जिसके बाद चारों की हालत एकाएक बिगड़ती चली गई। जब तक लोगों को कुछ समझ आता, उनमें से तीन लोगों ने दम तोड़ दिया। हालांकि चौथे शख्‍स को बचाने के लिए कोशिश अभी तक जारी है। फिलहाल चौथे इंसान का अस्‍पताल में इलाज चल रहा है।

आपको बता दें कि जहरीली शराब पीने से अक्‍सर लोगों की जान चली जाती है। इससे पहले भी जहरीली शराब पीने से लोगों के मरने के कई मामले अलग अलग जगह से सामने आए है। इससे पहले चंदौली के मुगलसराय में जहरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत हो गई थी। वहीं आधा दर्जन लोगों की हालत गंभीर बताई गई।

पुलिस के मुताबिक बताया जा रहा है कि उनके पास जहरीली शराब पीकर तीन लोगों की मौत की जानकारी है। इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि एक मरीज को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं। जहरीली शराब के असर से ज्यादातर की आंखों की रोशनी भी छिन चुकी है। उन्होंने बताया कि ठेके से शराब को सैंपल लेकर आगरा लैब भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी। फिलहाल केस दर्ज कर लिया गया है. घटना की जांच की जा रही है।

court discharge the peoples in case

मंगलौर के पब पर हमला मामले में श्रीराम सेना प्रमुख समेत 30 अन्य लोग बरी

24 जनवरी 2009 में मंगलौर के एक पब पर हमला हुआ था जिसके अंतरगत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और काफी हंगामा भी हुआ था।

आज कर्नाटक की निचली अदालत ने पब पर हमले के मामले में सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। इन लोगों में श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुतालिक समेत 30 अन्य लोगों को बड़ी राहत मिली है। गौरतलब है कि इन लोगों पर 24 जनवरी 2009 के दिन दक्षिण कर्नाटक के मंगलौर के एक पब में मौजूद लड़के लड़कियों से मारपीट करने का आरोप लगा था। श्री राम सेना प्रमुख प्रमोद मुत्तालिक ने इस फैसले को “न्याय और सच्चाई की जीत” बताया है।

इसके साथ ही आपको बता दें कि अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूत अभियुक्तों को दोषी करार देने के लिए काफी नहीं हैं। निचली अदालत का यह फैसला तक़रीबन 9 सालों के बाद आया है। 24 जनवरी 2009 को शाम करीब 4 बजे मंगलौर के एक पब में कुछ लोग घुस आए और वहां मौजूद लड़के लड़कियों के साथ मारपीट करने लगे।

उस समय वहां मौजूद कुछ लोगों और लोकल चैनल के कैमरामैनों ने अपने कैमेरे में इस घटना को कैद किया था जिसमें लड़कियों को बालों से पकड़ कर घसीटने का भी वीडियो था, जिसे देखकर लोगों में हुत ज्यादा गुस्सा भी देखने को मिला था। उस समय यह घटना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों की सुर्खियां भी बनी थी। तब श्री रामसेना ने इस हमले की वजह भारतीय संस्कृति की हिफाज़त बताई थी।  लेकिन एक साल बाद श्री राम सेना प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने इस हमले को भूल बताया था।

two most famous poet pramod tiwari and K D Sharma leave the world

साहित्य जगत में पसरा सन्नाटा, अलविदा कह गए दो प्रसिद्ध कवि

आज साहित्य एक अलग स्तर पर आकर खड़ा है। हमारे भारत देश के युवा भी अपनी हिंदू और उर्दू भाषा को काफी अच्छे से पहचानने लगे है। सोशल मीडिया के माध्यम से आजकल सभी युवा लड़के-लड़कियां अफनी लिखी गई कविताएं दुनिया के समझ प्रस्तुत करते है। लेकिन एक ऐसी खबर साहित्य जगत से आ गई है जिसने पूरे साहित्य जगत में सन्नाटा छा गया है।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक सड़क दुर्घटना में कवि प्रमोद तिवारी और अवध क्षेत्र के हास्य कवि केडी शर्मा हाहाकारी का दुखद निधन हो गया। हादसा लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचलगंज थाना क्षेत्र के बदरका चौराहे पर सोमवार तड़के हुआ था। ट्रक और कार की टक्कर इतनी जबरदस्त हुई थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। दोनों कवि कार के जरिए रायबरेली के लालगंज से कवि सम्मेलन में भाग लेकर वापस अपने घर की तरह लौट रहे थे।

इन दोनों कवियों की निधन की खबर के बाद से साहित्य जगत में सन्नाटा पसर गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का रो-रोकर काफी बुरा हाल था। जाने माने कवि और खुद को कबीर के वंशज बताने वाले कुमार विश्वास ने ट्विटर पर दोनों कवियों के निधन पर दुख व्यक्त भी किया है।

अधिक जानकारी के लिए आपको बता दें कि कवि मनोज तिवारी को आप वो गुड़िया वाले दिन और राहों में रिश्ते वाली कविताओं से जानते होंगे। उनकी एक प्रसिद्ध मुक्तक है

“जुल्फ जो तुमने लहरा के बिखराली है…
  अरे काली काली आंधी आने वाली है…
  तेरे मेरे बीच कोई तो रिश्ता है…
  अरे वरना कैसे खेतों में हरियाली है…”

this party gain voting benifit

यूपी में कम वोटिंग का फायदा इस पार्टी को मिलेगा !

उत्तर प्रदेश में लोकसभा की दो सीटों पर रविवार को हुए वोटिंग पर पूरे देश की निगाहें हैं। वोटिंग से पहले तक  गोरखपुर लोकसभा सीट पर बीजेपी अपनी जीत तय मानकर चल रही थी क्योंकि ये सीएम योगी की कर्मभूमि है। लेकिन कम वोटिंग से पार्टी सकते में है। वहीं फूलपुर संसदीय सीट को लेकर बीजेपी को पहले से ही बसपा समर्थित सपा उम्मीदवार से कड़ा मुकाबला दिख रहा था। ऐसे में सत्ताधारी बीजेपी की बेचैनी और भी बढ़ गई है। वहीं 23 साल पुरानी दुश्मनी को भूलकर दोस्ती का हाथ मिलाने वाले सपा-बसपा की सांसें भी रुकी हुई हैं।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की फूलपुर और गोरखपुर उपचुनाव को 2019 का सेमीफाइनल माना जा रहा है। फूलपुर और गोरखपुर दोनों संसदीय सीटों पर रविवार को मतदान हुआ. उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद हो गई है. नतीजे 14 मार्च को आएंगे. पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार वोटिंग कम हुई है. 2014 लोकसभा चुनाव की तुलना में गोरखपुर में 7.24 फीसदी और फूलपुर में 12.4 फीसदी वोटिंग कम हुई है।

दोनों सीटों पर विकास के मुद्दे चुनाव प्रचार के दौरान कहीं नहीं दिखे इसलिए कहा जा रहा है कि अगर धर्म के नाम पर जनता ने वोट दिया होगा तो बीजेपी की जीत निश्चित है और जाति के नाम पर वोट दिया होगा सपा की जीत होगी।

why naresh aggarwal leave sapa

आखिर क्यों सपा से बागी हुए नरेश अग्रवाल

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश अग्रवाल ने आज पार्टी छोड़कर बीजेपी में चले गए। दिल्ली में बीजेपी के कार्यालय में नरेश अग्रवाल वरिष्ठ बीजेपी नेताओं के बीच पार्टी में शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के अलावा, पार्टी प्रवक्ता डॉ संबित पात्रा के साथ -साथ कई और नेता मौजूद थे. बता दें कि नरेश अग्रवाल का सपा ने राज्यसभा का टिकट काट दिया। इस बात से नरेश अग्रवाल नाराज बताए जा रहे थे. आज उन्होंने इस बात का इजहार भी किया और सीधे तौर पर पार्टी पर आरोप लगाया कि फिल्म में काम करने वाले को टिकट दिया गया जबकि राजनीति करते आ रहे पार्टी के नेता का टिकट काट दिया गया।

बीजेपी ने कहा कि इनके हजारों कार्यकर्ताओं को भी बधाई। इन्होंने माना कि पीएम की अगुवाई में और योगी के नेतृत्व में नया विकास का दौरन यूपी को देखने को मिल रहा है। इस कड़ी में बीजेपी एक मात्र विकल्प है. देश को तेज गति से विकास कराने में पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह का सबसे बड़ा योगदान है। वहीं नरेश अग्रवाल ने बीजेपी में शामिल होते ही विवादित बयान दे दिया उन्होंने कहा कि मेरी जगह एक नाचने वाली को टिकट दे दिया।

दरअसल ये अमित शाह की नई तरह की सियासत है जिसमें सिर्फ और सिर्फ जीत ही मंत्र होना चाहिए…हो सकता है ये फौरी तौर पर सियासी फायदा पहुंचा सकता है, मगर दूरगामी तौर पर BJP को नुकसान ही करेगा

dalit women fired

साहूकार ने ब्याज के लिए दलित महिला को जिंदा जलाया

बलिया जिले के भीमपुरा थाना क्षेत्र के जजौली गांव में ब्याज का पैसा ना दे पाने के मामले में एक साहूकार ने एक दलित महिला पर केरोसिन डालकर उसे जिंदा जला दिया। समय पर पहुंच कर पुलिस ने महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करा दिया था जिस वजह से महिला की जान बच गई और साथ ही मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।

पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने जानकारी दी कि जजौली गांव में गुरुवार की रात 45 साल की रेशमी देवी रात को अपने घर में सो रही थी, तभी गांव के दबंग लोगों ने रेशमी के शरीर पर केरोसिन छिड़क कर आग लगा दी।

आपको बता दें कि रेशमी ने गांव के ही दो लोगों से करीब दो साल पहले 20 हजार रुपये उधार लिये थे जिन्हें उसने चुकता कर दिया। लेकिन वह पूरा ब्याज वापस नहीं कर पाई थी। जो करीब दो लाख रूपए बताया जा रहा है।

आज एक अजीब दौर आ गया है जहां सिर्फ ब्याज अता न करने की वजह से एक महिला को जिंदा जला दिया जाता है। इससे तो यही बात साबित होती दिख रही है कि दबंगों के अंदर कानून का बिलकुल भी खौफ नहीं रह गया है।

case filed on bjp mla and 3 other ministers

उत्तराखंड के उधमसिंहनगर में दलित महिला और लड़कियों की पिटाई, बीजेपी विधायक समेत 3 नेताओं पर केस दर्ज

हाल ही में उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में दलित महिलाओं और लड़कियों को पीटने का मामला सामने आया था जिसकी वीडियो कल नेशन टाइम ने अपने यूट्यूब प्लेटफॉर्म पर ड़ाली भी थी। इसी खबर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रुद्रपुर से बीजेपी विधायक राजकुमार ठाकुर समेत 3 नेताओं के खिलाफ केस दर्ज कर दिया है।

आपको बता दें कि रुद्रपुर स्थित इंदिरा कॉलोनी निवासी रामकिशोर ने रविवार को बीजेपी विधायक राजकमार ठुकराल समेत 3 अन्य बीजेपी नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए धारा 323, 504 एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

पीड़ित परिवार ने भी आरोप लगाया है कि विधायक राजकुमार ठुकराल ने हमारे परिवार की महिलाओं और लड़कियों के साथ मारपीट की थी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और उधमसिंहनगर के एसएसपी से घटना की पूरी जानकारी मांगी है।  इसके साथ ही उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी इस मामले में संज्ञान लिया है।

इस मामले में बीजेपी का असली चेहरा सामने आता हुआ दिखाई दे रहा है। एक ओर हमारे पीएम नरेंद्र मोदी बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ का नारा दे रही है और दूसरी तरफ बीजेपी का ये चेहरा भी सामने है।

jayaprada-says-azam-khan-khilji

जयाप्रदा ने आजम खान को बताया पद्मावती का खिलजी

मशहूर फिल्म अभिनेत्री और पूर्व सांसद जयाप्रदा ने एसपी के वरिष्ठ नेता आजम खान की तुलना पद्मावत फिल्म के किरदार खिलजी से की है। जयाप्रदा ने कहा है कि पद्मावत फिल्म देखते हुए खिलजी का किरदार देखकर उन्हें आजम खान की याद आ गई। अप्रत्यक्ष रूप से खिलजी की क्रूरता से आजम के व्यवहार को जोड़ते हुए जयाप्रदा ने कहा कि जब वह चुनाव लड़ रही थीं तो आजम खान ने भी उन्हें इसी तरह से प्रताड़ित किया था।

बता दें कि संजय लीला भंसाली की चर्चित और विवादित फिल्म पद्मावत में रणवीर सिंह ने खिलजी की भूमिका निभाई थी। फिल्म में खिलजी का चरित्र अय्याशी और क्रूरता से भरपूर था। इस फिल्म को लेकर खूब विवाद हुआ। अब जयाप्रदा ने इस फिल्म के जरिए आजम खान को लेकर विवादित बयान दिया है।

‘ बता दें कि जयाप्रदा और आजम खान के बीच जुबानी जंग अक्सर देखने को मिलती रही है। पूर्व में पार्टी से निकाले जाने का आरोप आजम ने जयाप्रदा पर ही मढ़ा था। आजम ने तब विवादित बयान देते हुए कहा था कि एक नाचने वाली के चलते उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया। एक और बयान में उन्होंने कहा था कि हम तो नाचनेवाली को भी सांसद बना देते हैं।

maharastra farmer start march from nasik to mumbai

सरकार से तंग आकर महाराष्ट्र में 30 हजार किसानों ने निकाला मोर्चा

अब सरकार ऐसी आ गई है कि किसानों को अपने हक के लिए सड़कों पर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। महाराष्ट्र के सभी किसान अपना अस्तित्व बचाने और हक पाने के लिए सड़कों पर उतर गए है। 6 मार्च को करीब 30 हजार किसान महाराष्ट्र राज्य किसान सभा के नेतृत्व में नासिक से रवाना हुए और अब किसानों का मोर्चा मुंबई की तरफ बढ़ रहा है। ये आंदोलनकारी किसान 12 मार्च को मुंबई पहुंच कर अपनी मांगों को मनवाने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा का घेराव करेंगे।

महाराष्ट्र में आजकल सिर्फ किसानों के आंदोलन की ही गूंज हर तरफ सुनाई दे रही है।  राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों से नाराज हजारों किसान अपने खलियान छोड़कर अपने-अपने परिवारों के साथ मुंबई तक मोर्चे पर निकले हुए हैं। इन आंदोलनकारी किसानों की मांग है कि राज्य सरकार उनका बिजली का बकाया बिल माफ करे, किसानों का पूरा कर्ज माफ हो, फसलों की उचित कीमत मिले और इसके साथ ही स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को तुरंत लागू किया जाए।

एक सवाल अब भी बना हुआ है कि महाराष्ट्र में किसान लंबे समय से काफी समस्याओं का सामना कर रहा है और इस मोर्चे के बाद क्या उनकी मुश्किलें कम होगी या नहीं। साथ ही किसान बहरी सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने में कामयाब होंगे या नहीं।