किसानों के लिए अच्छी ख़बर: देश में पहली बार उगाया गया काला गेहूं, किसानों को मिलेगा दोगुना दाम

एनएबीआई यानी नेशनल एग्री फूड बायोटेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट ने 7 साल की लंबी रिसर्च के बाद काले गेहूं का पेटेंट करा लिया है। और नाम दिया है ‘नाबी एमजी। काले, नीले और जामुनी रंग में मिलने वाला ये गेहूं आम गेहूं से कहीं ज्यादा पौष्टिक है। ये कैंसर, डायबिटीज, तनाव, मोटापा और दिल की बीमारियों की रोकथाम में मददगार साबित होगा। देश में पहली दफा ये पंजाब में उगाया जाएगा। ट्रायल के तौर पर इसका 850 क्विंटल उत्पादन किया जा चुका है। किसानों को भी इसका आम गेहूं के मुकाबले दोगुना दाम मिलेगा। मोहाली में काले गेंहूं की रिसर्च 2010 से चल रही रिसर्च साइंटिस्ट डॉ. मोनिका गर्ग के नेतृत्व में की गई है।

एनएबीआई ने इसका उत्पादन गर्मी और सर्दी दोनों मौसम में किया है। सर्दी में यह फसल मोहाली के खेतों में उगाई गई, जबकि गर्मी में हिमाचल में। साइंटिस्ट डॉ. मोनिका गर्ग ने बताया, इस साल विभिन्न किसानों के खेतों में 850 क्विंटल ब्लैक व्हीट उगाई है। इसकी औसत उपज प्रति एकड़ 13 से 17 क्विंटल रही…जबकि सामान्य गेहूं की औसत उपज पंजाब में प्रति एकड़ करीब 18 से 20 क्विंटल है। लेकिन किसानों को आम गेहूं मंडियों में बेचने पर न्यूनतम समर्थन मूल्य करीब 1625 रुपए प्रति क्विंटल मिलता है। जबकि ब्लैक व्हीट का रेट 3250 रुपए दिया गया है।

इसे उगाने के इच्छुक किसानों के लिए एनएबीआई जल्द ही वेबसाइट लांच करेगी। इस वेबसाइट पर किसान अप्लाई कर सकेंगे, जिन्हें बीज अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। किसानों की फसल भी एनएबीआई ही खरीदेगी।

ब्लैक व्हीट में एंथोसाइनिन नामक पिग्मेंट आम गेहूं से काफी ज्यादा होता है। आम गेहूं में जहां एंथोसाइनिन की मात्रा 5 से 15 पास प्रति मिलियन (पीपीएम) होती है, वहीं ब्लैक व्हीट में 40 से 140 पीपीएम पाई जाती है। एंथोसाइनिन ब्लू बेरी जैसे फलों की तरह सेहत लाभ प्रदान करता है। एंथोसाइनिन एक एंटीआॅक्सीडेंट का भी काम करता है। यह शरीर से फ्री रेडिकल्स निकालकर हार्ट, कैंसर, डायबिटीज, मोटापा और अन्य बीमारियों की रोकथाम करता है। इसमें जिंक की मात्रा भी अधिक है।The age factor in second language acquisition a ghostwriter whisperer cognitive approach to language learning

SBI के ग्राहक हैं तो ये ख़बर आपके काम की है

भारतीय स्‍टेट बैंक (एसबीआई) अपने ग्राहकों को बड़ी राहत दे सकता है। एसबीआई इस दिशा में कदम उठाने की तैयारी में है। मौजूदा प्रावधान के तहत शहरी क्षेत्र के खाताधारकों के लिए अपने अकाउंट में 3,000 रुपये रखना अनिवार्य है। ऐसा न होने पर पेनाल्‍टी ली जाती है। यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है, जब एसबीआई ने हाल में ही मिनिमम बैलेंस न होने के कारण अप्रैल से नवंबर के बीच 1,770 करोड़ रुपये की पेनाल्‍टी वसूलने की जानकारी दी थी। एसबीआई मंथली एवरेज बैलेंस की जगह पर क्‍वार्टरली एवरेज बैलेंस की व्‍यवस्‍था भी करने की तैयारी में है। इसमें बदलाव से उन ग्राहकों को फायदा होने की उम्‍मीद है, जिनके खाते में बैलेंस कभी बहुत ज्‍यादा तो कभी कम रहता है।

एसबीआई ने पिछले साल महानगर, छोटे शहर और ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहकों के लिए खातों में मिनिमम बैलेंस रखना अनिवार्य किया था। टाइम्‍स ऑफ इंडियाकी रिपोर्ट के अनुसार, महानगरों में मिनिमम बैलेंस की मौजूदा सीमा तीन हजार रुपये को कम कर एक हजार रुपये तक करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इसको लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। एसबीआई ने जून 2016 में मिनिमम बैलेंस के तौर पर खाते में पांच हजार रुपये रखना अनिवार्य कर दिया था। फैसले की कड़ी आलोचना के बाद महानगरों में इस सीमा को तीन हजार रुपये कर दिया गया था। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए इसे क्रमश: दो और एक हजार रुपये किया गया था। बैंक ने नाबालिगों और पेंशनरों के लिए इस बाध्‍यता को समाप्‍त कर दी थी। इसके अलावा पेनाल्‍टी को भी 25 से 100 रु से कम कर 20 से 50 रुपये के रेंज में कर दिया गया था।

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मुजफ्फरनगर में अब दलित को सरेआम पीटा, जय श्री राम के लगवाए नारे

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां एक दलित युवक को कुछ लोगों ने मिलकर बुरी तरह पीटा और उससे जय श्री राम बुलवाने की कोशिश की। लोगों ने दलित युवक पर डंडे बरसाते हुए उस पर भगवान का अपमान करने का आरोप लगाया। इस घटना का एक वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना रविवार की है। इस वीडियो में तीन लोग दलित युवक को पीटते हुए दिख रहे हैं तो वहीं उनके चौथे साथी ने यह वीडियो बनाया है।

वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और बदमाशों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने पीड़ित व्यक्ति की पहचान भी कर ली है। पीड़ित व्यक्ति मुजफ्फरनगर का रहने वाला ही है और उसकी उम्र 27 वर्ष है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंत देव ने बताया कि पुरकाजी पुलिस स्टेशन में कठोर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

उन्होंने बताया, ‘हम पीड़ित और उसके परिवार से बात कर रहे हैं और तीनों-चारों आरोपियों की पहचान गुज्जरों के रूप में की गई है। यह घटना पुरकाजी पुलिस स्टेशन के इलाके में घटित हुई थी।’ पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (जान से मारने की कोशिश), 295ए के साथ-साथ एससी/एसटी एक्ट और आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। वीडियो में दिख रहा है कि काले रंग का हैलमेट पहना एक व्यक्ति जमीन पर पड़ा हुआ है और उसे तीन लोग पीट रहे हैं, वहीं चौथा व्यक्ति वीडियो बना रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति दलित युवक से बोलते दिख रहा है, ‘हम तुम्हारे अम्बेडकर की आलोचना नहीं करते। क्या हम करते हैं? तो फिर तुम हमारे साथ ऐसा क्यों करते हो?’We also offer apa psychology paper samples for those who will wish to learn more about the apa paper order custom essay style

कासगंज पहुंची साध्वी प्राची का भड़काउ बयान, जहां हिंदू ज्यादा हों वहां से मुस्लिमों को हटाया जाए

हाथरस के कस्बा सिकंदरा राऊ में साध्वी प्राची को पुलिस द्वारा कासगंज जाने से रोके जाने के बाद अलीगढ़ पहुंची साध्वी ने कहा कि हिन्दुस्तान में रहना है तो वन्देमातरम कहना होगा। साध्वी ने कहा कि ऐसा न कहने वाले को पाकिस्तान जाना होगा। उन्होंने कहा, ‘हमने मुजफ्फरनगर, दादरी के बाद अब कासगंज में चंदन को खो दिया। कासगंज की घटना में पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही है। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की पिछले पंद्रह साल पुरानी एसपी, बीएसपी वाली मानसिकता नहीं बदली है।साध्वी ने कहा कि इस बात की शिकायत वह मुख्यमंत्री योगी से करेंगी। साध्वी प्राची कासगंज पहुंची थी लेकिन प्रशासन ने उन्हें शहर में नहीं घुसने दिया।Bindungsverhalten zu mutter und vater und erfahrungen bachelorarbeit schreiben lassen bindungsreprsentation bei kindern im alter von fnf und sieben jahren

अब नौकरीपेशा लोगों के लिए बुरी ख़बर, रेलवे 13000 कर्मचारियों को करेगा नौकरी से बाहर

देश में बेरोजगारी को लेकर बहस छिड़ी है, इसी बीच नौकरपेशा लोगों के लिए सरकार की तरफ से एक और करारा झटका लगा है, दरअसल भारतीय रेलवे ने 13 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की तैयारी की है। ये वे कर्मचारी हैं जो लंबे अरसे से अनुचित तरीके से अनुपस्थित चल रहे हैं। रेलमंत्री पीयूष गोयल की ओर से ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ अभियान चलाकर चिह्नित करने के बाद रेलवे में हड़कंप मचा है। 13 लाख में से 13 हजार कर्मचारी फिलहाल चिह्नित हुए हैं। रेलवे ने अपने एक बयान में कहा,’लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है।’ रेलवे की ओर से कहा गया है कि सभी अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को चिन्हित कर्मचारियों को उचित प्रक्रिया के तहत बाहर करने का निर्देश दिया गया है।

दरअसल रेलवे में वैसे ही स्टाफ की भारी कमी है, ऊपर से जो कर्मचारी हैं, उनमें भी तमाम ड्यूटी नहीं करते। रेलमंत्री पीयूष गोयल को ऐसी तमाम शिकायतें मिल रहीं थीं। ज्यादातर कर्मचारी बगैर सक्षम स्तर से अनुमति लिए नौकरी से गैरहाजिर चल रहे थे। कुछ कर्मचारी तो अपने रसूख के दम पर ड्यूटी नहीं करते थे, मगर सेलरी भी ले रहे थे। जब पीयूष गोयल ने रेल मंत्री का चार्ज संभाला तो उन्होंने सबसे पहले मानव संसाधऩ को दुरुस्त कर सौ प्रतिशत इसके उपयोग पर जोर दिया। जिसके क्रम में उन्होंने सभी जोन को निर्देश दिया कि वे अभियान चलाकर नकारा कर्मचारियों को चिह्नित कर लिस्ट तैयार करें। फिर उनके खिलाफ चार्जशीट तैयार कर उचित प्रक्रिया का इस्तेमाल कर नौकरी से बाहर करें।However, if necessary, we can pay special https://homeworkhelper.net attention to your order and then the period of implementation can be reduced to 2-3 days

शादी के कार्ड पर क्यों चंद्रशेखर की फोटो छपवा रहे हैं लोग?

समाज में जब-जब किसी एक खास तबके के खिलाफ अन्याय बढ़ा है, तब शुरू में तो वो तबका खुद पर हो रहे अत्याचार को सहन करता है, लेकिन जब अत्याचार हद से ज्यादा बढ़ जाता है तो वो पूरी ताकत से अपने ऊपर हो रहे अत्याचार का विरोध करता है। अपने विरोध के लिए वो अपने बीच से ही एक लीडर चुनता है जिसके पीछे चलकर वो अन्याय करने वालों से लड़ सके। समाज में ऐसा ही एक शोषित तबका है दलित तबका जिसका सदियों ऊंची जाति के लोगों ने शोषण किया है। इस शोषित तबके में समय-समय पर कई बड़े लीडर सामने आए हैं, फिर चाहे वे बाबा साहब हों कांशीराम हों या मायावती। लेकिन अगर हाल-फिलहाल हम देखें तो इस समाज में चंद्रशेखर उर्फ रावण के मजबूत लीडर के तौर पर उभरे हैं।

भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण अब उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के दलित युवाओं के आइकन बन रहे हैं। चंद्रशेखर को आइकन मानने वाले ऐसे ही युवा उनकी शादी के कार्ड्स में आजाद की तस्वीर छपवा रहे हैं।

चंद्रशेखर के ऊपर सरकार ने एनएसए के तहत कार्रवाई की थी। हालांकि दलित समुदाय रावण पर एनएसए लगाए जाने को गलत बताते हैं। लोगों का कहना है कि वे लोग उनके यहां शादियों के निमंत्रण पत्र में चंद्रशेखर आजाद की फोटो छपवा रहे हैं। वे आजाद को अपना मसीहा बताते हुए कहते हैं कि जब से वे चंद्रशेखर से जुड़े हैं वे खुद को मजबूत महसूस कर रहे हैं।

सहारनपुर के रहने वाले पवन गौतम ने बताया कि उनकी शादी 10 मार्च को है। वह आजाद से कभी नहीं मिले हैं लेकिन वह उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। उन्होंने कहा कि आजाद की उपस्थित और उनके बोलने का ढंग युवाओं को आकर्षित करता है। इतनी कम उम्र में उन्होंने दलित समुदाय के लिए बहुत कुछ किया है।

पवन ने कहा कि भीम आर्मी ग्रामीण इलाकों में दलित के बच्चों के लिए 300 से ज्यादा कोचिंग सेंटर चलाती है ताकि बड़े होकर वे बच्चे दूसरे समुदाय के बच्चों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें। इसके अलावा वह सैकड़ों मजदूरों को उनके अधिकारियों के प्रति जागरुक करते हैं और उनकी मदद भी करते हैं।

हरिद्वार के रहने वाले अमरदीप बुद्ध की शादी 18 मार्च को है। उन्होंने भी आजाद की तस्वीर उनके शादी के निमंत्रण पत्र में छपवाई है। उन्होंने कहा कि ऐसा करके उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। वह कहते हैं कि आजाद सच्चे दलित नेता हैं। काशीराम + के बाद कई दलित नेता आए लेकिन उन लोगों ने दलितों को सिर्फ वोट बैंक के लिए प्रयोग किया। आजाद दलितों के लिए आशा की किरण है। आजाद उनके लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर और गौतम बुद्ध की तरह हैं।

चंद्रशेखर भीम आर्मी को गैर-राजनीतिक और सामाजिक संगठन बताते हुए कहते हैं कि उनका अहिंसा में भरोसा है. वे कहते हैं, “हम प्रशासन के रवैये से निराश हैं, पर संविधान को एक उम्मीद के रूप में देखते हैं”

देहरादून से लॉ की पढ़ाई करने वाले चंद्रशेखर खुद को ‘रावण’ कहलाना पसंद करते हैं. इसके पीछे वो तर्क देते हैं- “रावण अपनी बहन शूर्पनखा के अपमान के कारण सीता को उठा लाता है लेकिन उनको भी सम्मान के साथ रखता है”

चंद्रशेखर कहते हैं, “भले ही रावण का नकारात्मक चित्रण किया जाता रहा हो लेकिन जो व्यक्ति अपनी बहन के सम्मान के लिए लड़ सकता हो और अपना सब कुछ दांव पर लगा सकता हो वो ग़लत कैसे हो सकता है”

चंद्रशेखर फिलहाल जेल में हैं। जिन पर यूपी सरकार ने रासुका लगाई है, लेकिन जिस तरह से रासुका की अवधि को बढ़ाया जा रहा है उसे दलित समाज में रोष तो पनपेगा ही, दलित समाज में चंद्रशेखर की लोकप्रियता बढ़ती जाएगी।

सौरभ यादवZeitschrift der serviceagentur ganztag, best-ghostwriter.com forum ganzgut, 12-14

पीएनबी घोटाले में पहली बड़ी गिरफ्तारी, CBI ने धीरूभाई अंबानी की भतीजी को किया गिरफ्तार!

पीएनबी घोटाले से हड़कंप मचा हुआ है और सीबीआई देश भर में छापेमारी कर रही है, अब सीबीआई ने पंजाब नेशनल बैंक में 11,400 करोड़ रूपए के घोटाले की जांच के सिलसिले में मुख्य आरोपी नीरव मोदी की फाइव स्टार डायमंड कंपनी के अध्यक्ष फायर स्टार के सीएफओ विपुल अंबानी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में यह पहली बड़ी गिरफ्तारी है। मामले के दो मुख्य आरोपी नीरव मोदी तथा मेहुल चोकसी देश छोड़ कर जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस घोटाले में दर्ज अपनी दो प्राथमिकियों के सिलसिले में जांच एजेंसी ने चार अन्य वरिष्ठ कार्यपालक अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया। अंबानी को कार्यपालक सहायक कविता मानकीकर तथा वरिष्ठ कार्यपालक अधिकारी अर्जुन पाटिल के साथ, सीबीआई द्वारा दर्ज पहली प्राथमिकी के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया। कविता धीरूर भाई अंबामी की भतीजी हैं। इस प्राथमिकी के तहत, 6,498 करोड़ रूपए मूल्य के 150 एलओयू की जांच की जा रही है।

इस घोटाले में अब तक हुई गिरफ्तारियों में कविता मानकीकर की गिरफ्तारी सबेस चौंकाने वाली और हाईप्रोफाइल गिरफ्तारी है, हो सकता है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े लोगों की गिरफ्तारी देखने को मिलेंगी। वहीं ये घोटाला उजागर होने के बाद से ही विपक्ष सरकार पर हमलावर है, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी हर दिन सवाल पूछ कर सरकार को घेरने में लगे हुए हैं।Tagungsband zur gleichnamigen sektion beim gal kongress ghostwriter-hilfe.com/hausarbeit/ 2016 in koblenz unterrichtskultur ressourcen der mehrsprachigkeit nutzen

पीएनबी के बाद रोटोमैक घोटाला क्या देश के ‘चौकीदार’ से हो रही है चूक!

देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक में 11000 हजार करोड़ से बड़ा घोटाला सामने आया है, कहा जा रहा है कि ये अब तक के इतिहास का सबसे बड़ा बैंकिग घोटाला है। पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई स्थित एक शाखा में 11,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के घोटाले का मामला सामने आया है। और बैंक ने इस घोटाले की पुष्टि भी की है। इस संबंध में बैंक ने अपने 10 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और 13 फरवरी को मामले की शिकायत सीबीआई से की है। दिलचस्प बात ये है कि इस पूरे घोटाले का खुलासा खुद पंजाब नेशनल बैंक ने ही किया। बैंक की तरफ से कहा गया कि उसने 1.77 अरब डॉलर (करीब 11,400 करोड़ रुपये) के घोटाले को पकड़ा है। इस मामले में अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने कथित रूप से बैंक की मुंबई शाखा से फ़र्ज़ी गारंटी पत्र (एलओयू) हासिल कर अन्य भारतीय ऋणदाताओं से विदेशी ऋण हासिल किया।

इस घोटाले की चर्चा अभी थमी ही नहीं थी, कि अब रोटोमैक कंपनी के मालिक का नया घोटाला सामने आया है,  रोटोमैक ब्रांड नाम से कलम बनाने वाली कंपनी के प्रवर्तक विक्रम कोठारी ने कथित रूप से सात बैंकों के साथ 3,695 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। इसको देखते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियों ने उसके खिलाफ मामले दर्ज किये और कानपुर में उसके परिसरों की तलाशी ली।

एक अजीब और हास्यासपद सी कोशिश की जा रही है। दरअसल इतने बड़े घोटाले को सरकार अकेले संभाल नहीं पा रही शायद इसीलिए इसकी जिम्मेदारी पुरानी सरकार और आरबीआई के पूर्व गर्वनर रघुराम राजन पर डालने की तैयारी की जा रही है। और कहा जा रहा है कि घोटाले की शुरूआत 2011 में हुई थी और तब देश में यूपीए की सरकार थी और उस समय आरबीआई गर्वनर रघुराम राजन थे, लेकिन एक कागज के टुकड़े ने इस दावे की हवा निकाल दी जिसमें साफ-साफ दर्ज है कि 2011 से 2017 के बीच करीब 150 एलओयू यानि लेटर ऑफ अंडरटेकिंग जारी हुई है। और सबसे ज्यादा 2017-18 में जारी की गई है।

एलओयू वह पत्र है होता है जिसके आधार पर एक बैंक के जरिए अन्य बैंकों को एक तरह से गारंटी पत्र उपलब्ध कराया जाता है जिसके आधार पर विदेशी शाखाएं ऋण की पेशकश करती हैं।

अब इतना बड़ा घोटाला हुआ है तो विपक्ष भी सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस के नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर सवाल उठाए है। कांग्रेस नेता ने केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘लूटो और भाग जाओ’ मोदी सरकार का चाल, चरित्र और चेहरा बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जुलाई, 2016 में ही वित्‍तीय फर्जीवाड़े की जानकारी दी गई थी, इसके बावजूद क्‍या मोदी सरकार सोई हुई थी?

वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने भी कांग्रेस पर पलटवार किया। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस मामले की जांच हो रही है और इसमें किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कांग्रेस की सरकार में हुए भ्रष्टाचार की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि‘जिनके घर ऐसे शीशे के हों जो टुकड़े-टुकड़े हो चुके हैं वो दूसरों पर पत्थर फेंकना बंद करें’।

दरअसल होता यही है कोई भी बड़ा घोटाला होता है तो जिसकी सरकार में होता है वो विपक्ष के घोटाले की याद दिलवाता है और विपक्ष सरकार के घोटाले की याद। और इस बहाने दोनों के गुनाह छिपाने का काम किया जाता है। लेकिन सरकार को जबाव तो देना ही होगा क्योंकि जिन नीरव मोदी पर घोटाले का आरोप हैं वो दावोस में पीएम मोदी के साथ तस्वीरों में नजर आ रहे हैं। आपने जनता से 60 दिन की चौकीदारी मांगी थी और जनता ने भी दिल खोलकर आपको वोट के साथ-साथ अपना भरोसा दिया, लेकिन फिर भी इस तरह के घोटाले होंगे तो आपकी चौकीदारी पर सवाल तो उठेंगे ही।

 

सौरभ यादवClassicswitcher currently supports ios 7 devices but the sequel of the tweak is supposed to be an improved version of classicswitcher and spying.ninja/teensafe/ will support ios 8 devices as well