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एससी और एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने एससी और एसटी एक्ट को लेकर एक काफी बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष न्यायालय के मुताबिक अब अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति एक्ट के तहत सरकारी कर्मचारियों की तुरंत गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। इसी के साथ मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ नए दिशा-निर्देश भी जारी किए। इसमें कोर्ट ने साफ कहा है कि इस एक्ट के तहत दर्ज शिकायत पर सरकारी कर्मचारी/अफसर को फौरन अरेस्ट नहीं किया जाएगा। अदालत ने मामले की जांच पहले डिप्टी सुपरिटेंडेंट रैंक के किसी अफसर से करवाने का आदेश दिया है।

बता दें कि कोर्ट के नए आदेश के मुताबिक अब ऐसी कोई भी शिकायत होने पर सबसे पहले आरोपों की जांच की जाएगी। इस मामले में अब गिरफ्तारी से पहले आरोपी को अग्रिम जमानत भी दी जा सकती है। ऐसे मामलों में पहले अग्रिम जमानत की कोई व्यवस्था नहीं थी। इस मामले की सुनवाई जस्टिस आदर्श गोयल और जस्टिस यूयू ललित की बेंच ने की। अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि- “इस एक्ट के तहत सरकारी अफसर के खिलाफ किसी भी शिकायत की जांच की जानी जरूरी है। इसे डिप्टी सुपरिंटेंडेंट के नीचे के रैंक का अफसर नहीं करेगा। और फिर अधिकृत अफसर की मंजूरी के बाद ही सरकारी कर्मचारी की गिरफ्तारी की जा सकती है।”  यह फैसला सुप्रीम कोर्ट का तब आया जब कोर्ट को लगा इस एक्ट का दुरुपयोग किया जा रहा है।