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जानें मायावती ने क्यों नरेश अग्रवाल को जमकर लताड़ लगाई?

नरेश अग्रवाल द्वारा जया बच्चन को लेकर दिए बयान की निंदा कई महिला नेताओं ने तो की है और अब बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भी नरेश अग्रवाल को जमकर लताड़ लगाई है। मायावती द्वारा जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि “भाजपा ज्वाइन करने वाले नरेश अग्रवाल ने सांसद और अभिनेत्री जया बच्चन पर टिप्पणी कर के महिला जगत का अपमान किया है। अपने इस महिला विरोधी बयान पर गलती मानते हुए अग्रवाल को देश से माफी मांगनी चाहिए”।

मायावती ने आगे यह भी कहा कि भाजपा के जिम्मेदार नेताओं के साथ पत्रकार वार्ता में महिला विरोधी टिप्पणी महिलाओं और देश को शर्मिंदा करने वाली है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को इसे गंभीरता से लेना चाहिए था। बसपा प्रमुख ने कहा है कि “जया बच्चन एक सम्मानित नाम है और फिल्म जगत में उनके परिवार का भारी योगदान है। नरेश अग्रवाल की टिप्पणी की बसपा कड़े शब्दों में निंदा करती है और देखेगी कि देश की सत्ताधारी पार्टी नरेश के असंसदीय विचारों को किस रूप में लेगी”।

नरेश अग्रवाल के बयान की चारों तरफ से कड़ी निंदा हो रही है। अब देखना यह है कि क्या नरेश अग्रवाल सांसद जया बच्चन से माफी मांगते है या नहीं।

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राज्यसभा में ‘सपा’ का समर्थन नहीं लेंगी ‘मायावती’

लोकसभा उपचुनाव में मायावती का सपा को समर्थन देने के बाद कयास यह लगाए जा रहे थे कि बसपा प्रमुख मायावती इस समर्थन के बदले राज्यसभा में सपा का समर्थन लेंगी। जिसके  जरिए मायावती अपने भाई और बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार को राज्यसभा भेजना चाहती हैं। लेकिन इन खबरों को सीरे खारिज करते हुए आनंद कुमार ने इसे सिर्फ अफवाह बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीएसपी उपाध्यक्ष आनंद कुमार ने कहा कि “कुछ लोग उनके राज्यसभा उम्मीदवारी को लेकर अफवाहें फैला रहे हैं। ऐसा करके वह बीएसपी और मायावती की छवि को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं जो हमेशा परिवारवाद के खिलाफ खड़ी रहीं”।

आनंद कुमार ने आगे यह भी कहा कि  ‘सभी कयास झूठे हैं. कुछ लोग अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए यह सब बातें उछालते हैं. बहनजी ने यह स्पष्ट किया है कि यह समझौता केवल लोकसभा उपचुनाव के लिए हुआ है। बीजेपी राजनीतिक लाभ के लिए ऐसा प्रचार कर रही है लेकिन मैं बीजेपी या उनके लोगों से डरता नहीं हूं”।

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“मायावती” ने कहा BSP का किसी भी राजनीतिक दल से कोई गठबंधन नहीं

बसपा और सपा के बीच होने वाले गठबंधन की बातों विराम लगाते हुए  मायावती का चौंकाने वाला बयान सामने आया है। बता दें एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक मायावती ने कहा ‘मैं स्पष्ट कर देना चाहती हूं कि बीएसपी का किसी भी राजनीतिक दल से कोई गठबंधन नहीं हुआ है। 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन की बात झूठ और आधारहीन है। गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर हमने कोई प्रत्याशी नहीं उतारे हैं। हमारी पार्टी के कार्यकर्ता बीजेपी प्रत्याशी को हराने की कोशिश करेंगे”।

मायावती ने ये भी कहा कि यूपी में हाल ही में राज्यसभा और विधान परिषद में होने वाले चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए सपा और बसपा के द्वारा एक दूसरे को वोट ट्रांसफर कर दिया जाता है तो ये कोई चुनावी गठबंधन नहीं है।

लगता है मायावती का सपा से गठबंधन करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने सिर्फ बीजेपी को हराने के लिए सपा से हाथ मिलाया है। वह किसी भी राजनीतिक पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करना चाहती।

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“कांग्रेस और बीजेपी चोर-चोर मौसरे भाई ही लगते है” मायावती ने ऐसा क्यों कहा

बीएसपी प्रमुख मायावती ने कोयला क्षेत्र का निजीकरण करने को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। बता दें 24 फरवरी को दिल्ली में बीएसपी के केंद्रीय कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में मायावती ने कहाकि मोदी सरकार द्वारा राष्ट्रीय संपत्ति कोयला का भी निजीकरण करके प्राइवेट कंपनियों को कोयला खदानों में उत्पादन और इस्तेमाल की अनुमति देने का फैसला वास्तव में‘धन्नासेठों के तुष्टिकरण’ की एक और नीति है।

मायावती ने कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी मुट्ठीभर बड़े-बडे पूंजीपतियों और धन्नासेठों के हित लगातार काम किए जा रहे हैं, परंतु देश के सवा सौ करोड़ गरीबों, मजदूरों,किसानों,युवा बेरोजगारों और  अन्य मेहनतकश लोगों से किए गए ‘अच्छे दिन’के वादे आदि क्यों नहीं पूरे किए जा रहे हैं। जबकि इनमें ही देश का असली हित निहित है।

उन्होंने ये भी कहा कि मोदी सरकार के लगभग 4 वर्ष के कार्यकाल में देश की आम जनता ने यह महसूस कर लिया है कि देश की संपत्ति को लूटने और लुटाने के मामले में कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों की सरकारें चोर-चोर मौसरे भाई ही लगते हैं, जो कि देशहित में अत्यंत ही घातक प्रवृति है।

अब देखना यह है कि विपक्ष इस बयान पर अपनी क्या प्रतिक्रिया देती है।

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 “नसीमुद्दीन सिद्दीकी” कांग्रेस में शामिल हुए

कांग्रेस पार्टी के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर आई है। बहुजन समाज पार्टी को छोड़ कर नसीमुद्दीन सिद्दीकी अब कांग्रेस में शामिल हो गए है। बता दें सिद्दीकी ने गुरुवार को प्रैस कॉन्फ्रेंस में  कांग्रेस सदस्यता शपथ ली। कभी बसपा में मायावती के बाद नंबर 2 का ओहदा सिद्दीकी का हुआ करता था।

लंबा समय बसपा में बिताने के बाद जब नसीमुद्दीन कांग्रेस में शामिल हुए तो उन्होंने गलती से यह बोल दिया कि वह बसपा में शामिल हो गए है जबकि उन्हें बसपा की जगह कांग्रेस का नाम लेना था । बताया जा रहा है कि शपथ लेने के बाद  सिद्दीकी ने कहा कि “मैं आभार व्यक्त करता हूं कि मुझे देश की सबसे बड़ी पार्टी में जगह मिली है। जिसने देश को आजाद कराने में अहम किरदार निभाया था।” नसीमुद्दीन ने अपनी गलती पर कहा कि लंबा समय उन्होंने बसपा में बिताया है। ऐसे में इसे सुधारने में 34 मिनट तो लगेंगे। “दिलो-दिमाग में बसपा ही है, इसलिए मैं गलती से कांग्रेस के बजाय उसका नाम ले बैठा। आप सभी से माफी चाहूंगा।”

सिद्दीकी इतने पर ही नहीं रूके और आगे कहने लगे कि “हमारे बाप-दादाओं के दिल में बसपा रही है।” बता दें कि यहां पर वह कांग्रेस का जिक्र करना चाह रहे थे। लेकिन गलती से वह बसपा का नाम ले बैठे।

जिसके बाद कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच में सिद्दीकी की गलती पर उनका बचाव किया और मजाकिया अंदाज में वह कहने लगे अभी एक महीने तक गलती माफ है। सिद्दीकी इस पर बोले कि अभी माफी दे दी।

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मायावती ने कार्यकर्ताओं से कहा, मेरे पैर न छूए, बोले “जय भीम”

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से एक अहम अपील की है। बता दें मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपील की है और उनसे मुलाकात के दौरान कहा कि “वह उनके पैर न छुएं उन्होंने कार्यकर्ताओं से सिर्फ ‘जय भीम’ बोल कर अभिवादन करने का आग्रह किया है”। जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने मायावती की इस अपील को सराहा है।

अक्सर देखा जाता है कि बसपा कार्यकर्ताओं में पार्टी अध्यक्ष मायावती के पैर छूने की होड़ मची रहती है। कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद तमाम कार्यकर्ता अपनी पार्टी अध्यक्ष के पहुंचते ही उनके पैर छूने लगते थे। यही नहीं संसद भवन में भी मायावती के पहुंचने पर उनके राज्यसभा सांसद उनके पैर छूने लगते थे। कई बार विपक्षी नेता इसकी आलोचना भी करते हैं।

खैर जो भी हो अगर मायावती चाहती है कि उनका अभिवादन पैर छूकर नहीं ‘जय भीम’ बोल कर करे तो इसमें कोई बुराई नहीं है। जहां एक तरफ विपक्षी पार्टियां मायावती के पैर छूने वाली बात पर आलोचना करते है। ऐसे में मायावती ने अपनी इस अपील से सबका मुहं बंद कर दिया है।

2019 के लोकसभा चुनाव के लिए मायावती का EBM फॉर्मूला

जहां अन्य पार्टियां पत्याशियों के बीच उलझी हुई है। वही बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए रणनीति बना ली है। बता दें इस बार मायावती ने EBM फॉर्मूला तैयार किया है। शायद आपको नहीं पता होगा कि मायावती ने EBM की क्या परिभाषा दी है। EBM  मतलब अति पिछड़ा, ब्राह्मण और मुस्लिम ।

दलितों के अलावा इन तीनों समाज के लोगों को पार्टी से जोड़ने के लिए बसपा प्रदेश भर में भाईचारा सम्मेलन करेगी। बताया जा रहा है कि अभियान को सफल बनाने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की कई टीमें बनाई गई हैं।  पार्टी ने अपने इस अभियान की शुरुआत पीलीभीत से राजा सुहेलदेव राजभर की 1009वीं जयंती और रविदास जयंती से कर दी है। इन दोनों कार्यक्रम में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।

पार्टी सूत्रों के अनुसार बहुजन समाज पार्टी ने दलित वोटबैंक के साथ ही सर्वसमाज को जोड़ने के लिए मुहिम तेज कर दी है। जिसमें सबसे ज्यादा ध्यान अति पिछड़ा वर्ग, ब्राह्मण और मुस्लिम वर्ग पर है।

इलाहाबाद में छात्र की हत्या पर क्या बोलीं मायावती

बहुजन समाज से आने वाल एक एल.एल.बी के छात्र की बेरहमी से पीट पीट कर  हत्या कर दी है। जिसपर सोमवार को बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि “ऐसे सदियों से शोषित-पीड़ित दलित समाज, जिसमें आजादी के लगभग 70 वर्षो के बाद भी उच्च शिक्षा नाम मात्र की ही है, के एक होनहार छात्र की हत्या से पूरा समाज आहत हुआ है।

मायावती ने आगे यह भी कहा कि “दलित छात्र की इस प्रकार की नृशंस हत्या बीजेपी शासन में कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि ऐसी दर्दनाक घटनाएं लगातार ही घटित हो रही हैं और इसके लिए कोई और नहीं, बल्कि बीजेपी की संकीर्ण, जातिवादी और नफरत की राजनीति पूरी तरह से दोषी है” ।

बीएसपी प्रमुख ने कहा कि सर्वसमाज के खासकर पढ़े-लिखे युवक रोजगार नहीं मिल पाने के कारण कुंठा का शिकार हैं और जिस कारण विभिन्न प्रकार के अपराध हर स्तर पर लगातार बढ़ रहे हैं तथा समाज का तानाबाना भी बिखर रहा है।

मायावती ने कहा कि दिलीप सरोज नामक जिस छात्र की हत्या बेवजह खुलेआम कर दी गई है। उस परिवार की भरपाई किसी रूप में भी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को भी दोषियों को सख्त सजा देने के साथ-साथ पीड़ित परिवार की भी मदद जरूर करनी चाहिए”।

मायावती ने दी बीजेपी को सविंधान को लेकर चेतावनी

बीजेपी नेताओं के बयानों पर हमला बोलते हुए मायावती ने कहा कि “बसपा किसी भी दशा में न तो पहले कांग्रेस से हार मानी है और न ही वर्तमान में भाजपा के हथकंडों से हार मानने वाली है। इसने अपने संघर्ष व त्याग से परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के कारवां को हमेशा आगे बढ़ाने का काम किया है। ताकि भारत उनके सपनों का असली समतामूलक राष्ट्र बन सके। विडंबना यह है कि भाजपा सरकार बाबा साहेब के बनाए संविधान को ही बदलने की बात करने लगी है”।

 

बता दें यह बयान मायावती ने बहुजन समाज पार्टी  के राज्य कार्यालय में आयोजित बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कही थी । उन्होंने मोदी पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि “हमारे देश की जनता खासकर नोटबंदी और नए कर कानून जीएसटी के आर्थिक जख्मों कराह रही है। फिर भी भाजपा की केंद्र व राज्यों की सरकारें अनगिनत हवा-हवाई दावों से उनके जख्मों पर नमक छिड़कने से बाज नहीं आ रही है। भाजपा सरकार की नीतियां शिक्षित बेरोजगारों को उनकी क्षमता व डिग्री के अनुसार नौकरी मुहैया कराने के बजाय उन्हें चाय व पकौड़ा बेचने के लिए मजबूर करना चाहती है। क्या ऐसे ही भारत आगे बढ़ेगा व आयुष्मान होगा”?