केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े का सामने आया फिर से एक और विवादित बयान

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े का फिर से एक चौका देने वाला विवादित बयान सामने आया है। हेगड़े  का कहना है कि “राजनीति में लोगों का ध्रुवीकरण करना ही असली लोकतंत्र है”।

बताया जा रहा है कि हेगड़े ने ये बयान तटीय कर्नाटक में अपनी जनसुरक्षा यात्रा के दौरान दिया है। बता दें कि तटीय कर्नाटक साम्प्रदायिक रूप से काफी संवेदनशील माना जाता है। रैली के दौरान जब उनसे पूछा कि क्या ये राज्य में अब तक का सबसे ज्यादा ध्रुवीकरण करने वाला चुनाव है?  तो उन्होंने कहा बिल्कुल, ऐसा ही है, मुझे उम्मीद है कि ऐसा ही होगा ।

बता दें कि कुछ समय पहले भी अनंत हेगड़े ने कहा था कि बीजेपी देश के संविधान को बदलेगी और उसमें से ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द हटा लिया जाएगा। इस बयान पर काफी हंगामा हुआ था। उनके इस बयान पर जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं संविधान और बाबा साहेब अंबेडकर का सम्मान करता हूं। मैंने कुछ गलत नहीं कहा था लेकिन मीडिया ने मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया।

हेगड़े के इस बयान से ऐसा लगता है कि उन्होंने अपना अलग ही एक लोकतंत्र बना लिया है। जिसमें उन्हें राजनीति करने के लिए जो सही लगेगा उसे वह लोकतंत्र से जोड़ देंगे ।

मायावती का बीजेपी पर तंज, नफरत की राजनीति करती है बीजेपी

बहुजन समाजवादी पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने भाजपा पर जातिवादी, साम्प्रदायिक और नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि इससे लोगों में असुरक्षा की भावना पनप रही है। बता दें मायावती ने यह बयान तब दिया जब वह शनिवार को पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों तथा वरिष्ठ कार्यकर्त्ताओं के साथ बैठक कर रही थीं।
मायावती ने कहा कि भाजपा शासन में हिंसा, डर और आतंक का माहौल है। पूरे समाज के मेहनतकश लोग तथा व्यापारी अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। साथ ही कहा प्रदेश में अपराधों की बाढ़ आ गई है। साम्प्रदायिक दंगे सबसे ज्यादा हुए हैं। विकास सिर्फ फर्जी और हवा-हवाई ही है। इसका जमीनी हकीकत से कोई वास्ता नहीं है

आगे वह कहती हैं कि “प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी तथा गरीबी यहां की ध्वस्त कानून-व्यवस्था की तरह पूरी तरह से बेकाबू है। सरकार युवाओं को रोजगार नहीं दे पा रही है। आने वाले दिनों में बेरोजगारी भयानक रूप धारण कर सकती है। प्रदेश में अभी हाल ही में हुए शहरी निकाय के चुनाव में सत्ताधारी भाजपा को यहां की जनता ने जबरदस्त झटका दिया। इसके बाद भी भाजपा सरकार की जातिवादी, साम्प्रदायिक और नफरत की संकीर्ण व नकारात्मक राजनीति जारी है।“
मायावती ने कहा कि लोकसभा के चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद इसी साल मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में चुनाव से देश में माहौल बदल जाएगा।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बसपा और जनता दल सेक्युलर (जद-एस) दिखेंगे एकसाथ

पिछले दिनों से बसपा और सपा के एकजुट होकर चुनाव लड़ने की खबरे काफी चर्चा में रही। ऐसा कहा जा रहा था कि बसपा और सपा एक साथ मिलकर बीजेपी को हराने की मंशा से चुनाव लड़ सकते है। लेकिन आज आने वाली इस खबर ने पुरानी सभी खबरों और अटकलों को झूठा साबित करके रख दिया है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के परिणाम इस बार काफी दिलचस्प हो सकते है। बताया जा रहा है कि बसपा ने जद (एस) के साथ मिलकर कर्नाटक में चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इस निर्णय के तहत कर्नाटक के 224 सीटों में से 20 पर बसपा के उम्मी दवार चुनाव लड़ेंगे।

एक प्रेस कांफ्रेंस में बसपा प्रवक्ता  सतीश चंद्र मिश्रा और जद (एस) के दानिश अली ने कहा कि यह गठबंधन 2019 के लोकसभा के चुनावों में जारी रहेगा। उत्तजर प्रदेश की पूर्व मुख्यामंत्री और बसपा प्रमुख मायावती ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए एचडी देवगौड़ा से हाथ मिलाया है। इसकी जानकारी बसपा के एससी मिश्रा ने दी। वही दूसरी तरफ जद (एस) के दानिश अली ने कहा कि बसपा ने पहली बार उनके दल के साथ गठबंधन किया है। अब वे दोनों मिलकर कर्नाटक विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि 17 फरवरी को बेंगलुरु से साझा चुनाव अभियान की शुरुआत की जाएगी जिसमें मायावती और एचडी देवेगौड़ा एक मंच पर खड़े होंगे और जनता से मतदान की अपील करेंगे।

बता दें इससे पहले 2013 के चुनाव में भी बसपा शामिल हुई थी। लेकिन खाता खोलने में नाकाम रही थी। वहीं कांग्रेस को 122 सीट और भाजपा और जद (एस) को 40-40 सीटें मिली थीं।