मायावती का बीजेपी पर तंज, नफरत की राजनीति करती है बीजेपी

बहुजन समाजवादी पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने भाजपा पर जातिवादी, साम्प्रदायिक और नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि इससे लोगों में असुरक्षा की भावना पनप रही है। बता दें मायावती ने यह बयान तब दिया जब वह शनिवार को पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों तथा वरिष्ठ कार्यकर्त्ताओं के साथ बैठक कर रही थीं।
मायावती ने कहा कि भाजपा शासन में हिंसा, डर और आतंक का माहौल है। पूरे समाज के मेहनतकश लोग तथा व्यापारी अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। साथ ही कहा प्रदेश में अपराधों की बाढ़ आ गई है। साम्प्रदायिक दंगे सबसे ज्यादा हुए हैं। विकास सिर्फ फर्जी और हवा-हवाई ही है। इसका जमीनी हकीकत से कोई वास्ता नहीं है

आगे वह कहती हैं कि “प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी तथा गरीबी यहां की ध्वस्त कानून-व्यवस्था की तरह पूरी तरह से बेकाबू है। सरकार युवाओं को रोजगार नहीं दे पा रही है। आने वाले दिनों में बेरोजगारी भयानक रूप धारण कर सकती है। प्रदेश में अभी हाल ही में हुए शहरी निकाय के चुनाव में सत्ताधारी भाजपा को यहां की जनता ने जबरदस्त झटका दिया। इसके बाद भी भाजपा सरकार की जातिवादी, साम्प्रदायिक और नफरत की संकीर्ण व नकारात्मक राजनीति जारी है।“
मायावती ने कहा कि लोकसभा के चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद इसी साल मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में चुनाव से देश में माहौल बदल जाएगा।

मायावती का बीजेपी पर हमला, मध्य प्रदेश के किसानों को बताया सबसे ज्यादा दुखी

बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को कहा कि मध्य प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है और राज्य सरकार की प्राथमिकता किसान तथा मजदूर हितैषी होनी चाहिये लेकिन वहां भाजपा के शासनकाल में ख़ासकर किसान तथा खेतिहर मजदूर वर्ग के लोग सबसे ज़्यादा दुःखी और परेशान हैं। साथ ही मायावती ने मध्य प्रदेश में बसपा के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और पार्टी संगठन की तैयारियों तथा पूरे समाज में पार्टी के जनाधार को मज़बूत बनाने के साथ-साथ इसी वर्ष वहां होने वाले विधानसभा चुनाव को पूरी तैयारी के साथ लड़ने के संबंध में गहन चर्चा की। मायावती ने कहा कि जब किसान तथा खेतिहर मजदूर वर्ग के लोग अपनी मांगों के समर्थन में आन्दोलन के लिए सड़क पर उतरते हैं तो तब उन्हें सरकार अपनी मनमानी तरीके से चलाती है तथा जुल्म-ज्यादती का शिकार बनाती है, जो काफी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।

भाजपा पर मायावती ने आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में भी भाजपा की सरकार खासकर यहां दलितों, पिछड़ों, मुस्लिम तथा अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों आदि के साथ-साथ किसान वर्ग के साथ भी बर्बर व्यवहार कर रही है। इतना ही नहीं बल्कि आरएसएस की संकीर्ण, नफरत तथा विघटनकारी सोच को सर्वसमाज के लोगों पर जबरदस्ती थोपने के लिये संविधान तथा कानून को पूरी तरह से ताक पर रख दिया गया है। साथ ही कहा, मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी अच्छी नहीं है।

मायावती ने कहा कि राजस्थान की तरह ही दूसरे पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में भी भाजपा की जनविरोधी सरकार जाने वाली है। वहां होने वाले इस सुखद परिवर्तन में बसपा को अपनी ख़ास भूमिका निभानी है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बसपा और जनता दल सेक्युलर (जद-एस) दिखेंगे एकसाथ

पिछले दिनों से बसपा और सपा के एकजुट होकर चुनाव लड़ने की खबरे काफी चर्चा में रही। ऐसा कहा जा रहा था कि बसपा और सपा एक साथ मिलकर बीजेपी को हराने की मंशा से चुनाव लड़ सकते है। लेकिन आज आने वाली इस खबर ने पुरानी सभी खबरों और अटकलों को झूठा साबित करके रख दिया है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के परिणाम इस बार काफी दिलचस्प हो सकते है। बताया जा रहा है कि बसपा ने जद (एस) के साथ मिलकर कर्नाटक में चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इस निर्णय के तहत कर्नाटक के 224 सीटों में से 20 पर बसपा के उम्मी दवार चुनाव लड़ेंगे।

एक प्रेस कांफ्रेंस में बसपा प्रवक्ता  सतीश चंद्र मिश्रा और जद (एस) के दानिश अली ने कहा कि यह गठबंधन 2019 के लोकसभा के चुनावों में जारी रहेगा। उत्तजर प्रदेश की पूर्व मुख्यामंत्री और बसपा प्रमुख मायावती ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए एचडी देवगौड़ा से हाथ मिलाया है। इसकी जानकारी बसपा के एससी मिश्रा ने दी। वही दूसरी तरफ जद (एस) के दानिश अली ने कहा कि बसपा ने पहली बार उनके दल के साथ गठबंधन किया है। अब वे दोनों मिलकर कर्नाटक विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि 17 फरवरी को बेंगलुरु से साझा चुनाव अभियान की शुरुआत की जाएगी जिसमें मायावती और एचडी देवेगौड़ा एक मंच पर खड़े होंगे और जनता से मतदान की अपील करेंगे।

बता दें इससे पहले 2013 के चुनाव में भी बसपा शामिल हुई थी। लेकिन खाता खोलने में नाकाम रही थी। वहीं कांग्रेस को 122 सीट और भाजपा और जद (एस) को 40-40 सीटें मिली थीं।

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मायावती ने कहा धन्नासेठों के लिए है बजट !

मोदी सरकार द्वारा कल संसद में आखिरी बजट पेश किया गया। इस बजट पर सबकी अलग अलग राय भी सुनने को मिली। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने भी मोदी सरकार के इस बजट को पिछले बजट की तरह केवल लच्छेदार बातों वाला बताया।

बजट पर अपनी राय रखते हुए मायावती ने पीएम मोदी को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि  मोदी सरकार को अपनी जुमलेबाजी बंद कर के तथ्यों व तर्कों के आधार पर देश को यह बताना चाहिए कि वह अच्छे दिन कहां हैं जिसका वादा उन्होंने देश की सवा सौ करोड़ जनता से चुनाव के वक्त किया था। और अगर वो ऐसा नहीं कर सकते तो उन्हें देश की जनता से मांफी मांगनी चाहिए।

मायावती ने यह भी कहा कि एक जिम्मेदार सरकार की तरह भाजपा सरकार को अपने काम का लेखा- जोखा भी जनता को बताना चाहिए जोकि अब तक नहीं किया गया है। आगे उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार की जो प्रथामिकताएं है वे अब अमीरों और धन्नासेठों  के लिए है । वे गरीबों, मजदूर, किसान के लिए नहीं हैं। विकास के जो दावे सरकार करती हुई आई है उसका थोड़ा भी लाभ इन वर्गो को नहीं मिल पाया हैं।
बजट पर मायावती के बयान के बाद अब देखना यह दिलचस्प रहेगा कि मोदी सरकार की इस पर क्या प्रतिक्रिया होगी।