there is no religion for terrorist

आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता

मक्का, मालेगांव, अक्षरधाम, मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद कहीं भी किसी भी बड़े आतंकी हमले को अंजाम दिया जाता है तो सबसे पहले मुसलमानों के अंदर एक ऐसा डर बैठ जाता है जिसे समझ पाना आमतौर पर काफी मुश्किल होता है। भारत में जब भी कोई आतंकी हमला हुआ है तो उसके बाद से हमारे छोटी सोच के कुछ लोग हर मुसलमान को इस नजर से देखते है जैसे वो ही वो आतंकवादी थे जिन्होंने मासूम लोगों की जान ली थी। हर किसी के फोन की घंटियां बजनी शुरू हो जाती हैं और हर मां अपने बच्चों को घर से बाहर न निकलने की हिदायत देती हैं। इसके पीछे कि सबसे बड़ी वजह यह है कि हर धमाके के बाद आम तौर पर मीडिया या राजनीति कही भी हो सबसे पहले मुसलमानों का ही नाम उछाला जाता है।

आपको बता दें कि कुछ समय पहले मिस्र की एक मस्जिद पर बड़ा आतंकी हमला हुआ जिसमें नमाज पढ़ रहे कई मुस्लमानों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था। और उसके बाद राजनीति से जुड़े लोगों का बयान आता हैं कि सभी आतंकवादी मुस्लमान ही क्यों होते है। जी हां कई राजनीतिक लोगों ने ऐसे घिनोने बयान देकर एक धर्म पर बहुत ज्यादा उंगलियां उठाई है। सबसे पहले आज हम आपको उन्ही लोगों के बारे में बताते है जिन्होंने ऐसे बयान देकर मुस्लिम समुदाय के लोगों को बार बार शर्मिंदा होने पर मजबूर किया है।

कुछ समय पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि, ‘अगर तुम (अल्पसंख्यक) हमारा एक इंसान मारोगे तो तुम भी सुरक्षित रहने की उम्मीद मत करो। अगर वह शांति से नहीं रहेंगे तो हम उन्हें उनकी भाषा में सिखाएंगे कि शांति से कैसे रहा जाता है।’ अब देखने वाली बात यह है कि एक तरफ तो यह लोग देश को जोड़ने की बात करते है और वहीं दूसरी तरफ यह एक समुदाय के खिलाफ जहर उगलते हुए दिखाई देते है। ऐसे लोगों के हाथ में देश की रक्षा का जिम्मा है जो खुद देश में हिंसा को भड़काने का काम करते है।

वहीं दूसरी तरफ बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा का मुस्लिम समुदाय को लेकर एक विवादित बयान आता है और इस बयान से प्रवेश वर्मा ने मुस्लिम समुदाय की राष्ट्रभक्ति पर कई सवाल खड़े करके रख दिए थे। प्रवेश वर्मा का कहना था कि अक्सर हर आतंकवादी मुस्लिम ही क्यों होता है? बीजेपी एक राष्ट्रभक्त पार्टी है और यही एक वजह है कि मुस्लिम समुदाय बीजेपी को वोट नहीं करता है। मतलब प्रवेश जी का मानना है कि जो इंसान बीजेपी को वोट नहीं करता वह राष्ट्रद्रोही है। इसका मतलब प्रवेश कहना चाहते है कि अगर कोई भी समुदाय के लोग चाहे वह हिंदु हो या मुस्लिम बीजेपी को वोट नहीं देते तो मतलब वह देशद्रोही है। कहने को तो बीजेपी खुद को राष्ट्रभक्त कहते है और दूसरी तरफ खुद ही देशद्रोही बनने पर तुले हुए हैं।

यह सभी नेता ऐसे बयान बेबाक तरीके से देते हैं लेकिन शायद ये बात भूल जाते है कि सरहद पर भारत की तरफ से शहीद होने वाले सिपाहियों में मुस्लिम भी शामिल होते है और हर बार एक मां की कोख सूनी हो जाती है। लेकिन उन्हीं मां का चेहरा तब शर्म से झुक जाता है जब भारत के ही नेता उनके बारे में ऐसे बयान देते है।

लेकिन अब नेता जी को यह बात कौन समझाए कि कई मस्जिदों पर भी हमला होता है और उस आतंकी हमले में मुस्लमानों को भी अपनी जान गवानी पड़ती है। आपको बता दें कि 12 नवंबर 2016 को पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित शाह नूरानी दरगाह पर एक आत्मघाती हमला किया गया था जिसमें करीब 47 लोगों की मौत हो गई थी और इसकी जिम्मेदारी ISIS के हाथों में सौंप दी गई थी। इसके अलावा 22 अगस्त 2014 को इराक की राजधानी बगदाद में सुन्नी मस्जिद पर आतंकी हमले को अंजाम दिया गया था जिसमें करीब 70 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था। आज तक ऐसे कई हमलें हुए है जो मस्जिदों पर किए गए है और जिस आतंकवाद का हरजाना सिर्फ मुस्लिम समुदाय के लोगों को भुगतना पड़ता है। 

मक्का मस्जिद पर हुए हमले में कई मुस्लिम युवाओं पर ‘आतंकवाद’ से जुड़े शर्मनाक आरोप लगाए जा रहे थे लेकिन बाद में उनमें से कई युवाओं को निर्दोष पाया गया था। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने सिफारिश भी की थी कि सभी निर्दोष युवाओं को आंध्रप्रदेश सरकार मुआवजा दें। कितनी बार देश के मुस्लिम नौजवानों ने कहा भी है कि इस्लाम में चरमपंथ की कोई भी जगह नहीं है और वह इस तरह की घिनोनी घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। 10 जुलाई 2017 को अमरनाथ यात्रियों पर भी आतंकी हमला किया गया था और उस समय बस का ड्राइवर इस्लाम धर्म को मानने वाला था जिसने कई यात्रियों की जान बचाने की काफी हद तक कोशिश की थी।

लेकिन फिर भी कुछ बड़े नेता ऐसा बयान देते है जैसे उन्हें कुछ पता ही नहीं। नेताजी को कौन समझाए तारिफ नहीं कर सकते तो किसी के खिलाफ जाकर जहर भी मत उगलो। वैसे आज अगर हम किसी बच्चे को भी समझाए कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता तो शायद वह भी यह बात 10 मिनट में समझ जाए लेकिन कुछ बड़े लोगों को यह बात आज तक समझ नहीं आ रही हैं कि अच्छा और बुरा एक इंसान होता है कोई धर्म नहीं।

“मैं कई बड़े लोगों की निचाई से वाकिफ हूं
  बहुत मुश्किल हैं जिंदगी में बड़ा होकर बड़ा होना”

 

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rahul gandhi become the president of congress and attacked at bjp

बतौर अध्यक्ष पहले भाषण में राहुल के निशाने पर बीजेपी, कहा – आग लगाते है पीएम मोदी

हाल ही में गुजरात चुनाव खत्म हुए है और 18 दिसंबर को चुनाव के परिणाम घोषित किए जाएंगे। इसी बीच आज राहुल गांधी ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद की कमान आधिकारिक तौर पर संभाल ली है। कांग्रेस के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में आयोजित एक समारोह आयोजित किया गया जिसमें राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टि का नया अध्यक्ष बनाया गया है। और इसका उन्हें सर्टिफिकेट भी दिया गया है।

आपको बता दें कि राहुल गांधी की ताजपोशी के दौरान कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, मोतीलाल वोरा, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल की बहन प्रियंका वाड्रा के साथ ही साथ कांग्रेस पार्टि के कई दिग्गज नेता भी मौजूद थे। राहुल गांधी को सर्टिफिकेट देकर आधिकारिक तौर पर पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया गया हैं।

आपको बता दें कि अध्यक्ष पद संभालने के बाद राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं को भी संबोधित किया। इतना ही नहीं अपने बतौर अध्यक्ष दिए गए पहले ही भाषण में राहुल गांधी ने सीधा निशाना बीजेपी और प्रधानमंक्षी नरेंद्र मोदी पर साध दिया था। राहुल गांधी ने भाषण देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी भारत को 21वीं सदी में लेकर आई है और प्रधानमंत्री मोदी पूरी कोशिश कर रहे है कि हमें एक बार फिर से मध्यकाल में ले कर चले जाए। इसके साथ ही बीजेपी पर जोरदार हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा हैं कि एक बार आग लग जाती है तो फिर उसे बुझाना काफी ज्यादा मुश्किल है। बीजेपी ने पूरे देश में ही आग लगा दी। राहुल ने कहा कि वो हमेशा आग लगाने का काम करते हैं और हम आग बुझाते हैं।

इसके आगे भाषण में राहुल ने कहा कि भारत में अगर कोई बीजेपी को आग फैलाने से रोक सकता है तो वो सिर्फ कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता ही है। हम कांग्रेस को ग्रैंड ओल्ड पार्टी एंड यंग पार्टी बनाने के कार्य में जुटे हुए है और गुस्सेल राजनीति के खिलाफ भी लड़ाई लड़ेंगे। इसी के साथ राहुल ने कहा कि बीजेपी के सभी लोग भी हमारे भाई-बहने ही है लेकिन हम उनसे सहमत किसी भी पक्ष में नहीं है और बीजेपी लोगों की आवाज को कुचलने का पूरा प्रयास कर रही है लेकिन हम लोगों को बोलने का पूरा मौका देते हैं।

आपको बता दें कि अभी तक तो राहुल गांधी कांग्रेस पार्टि के अंतरगत उपाध्यक्ष का पद संभालते हुए नजर आ रहे थे। सोमवार को राहुल गांधी को निर्विरोध देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष चुना गया था। कांग्रेस नेता मुल्लापल्ली रामचंद्रन का कहना था कि राहुल के पक्ष में 89 नामांकन प्रस्ताव शामिल थे। जिनमें से कुछ वैध भी मिले थे। गौरतलब है कि इससे पहले सोनिया गांधी कांग्रे की कमान 19 सालों से संभाल रही थी।